स्टेबलकॉइनों पर कर लागू होगा, जबकि NFT को सूची से बाहर रखा जाएगा। DeFi में होने वाले लेनदेन आम तौर पर कर-मुक्त होंगे, सिवाय उन मामलों के जब उपयोगकर्ता ऐसे शुल्क अदा करते हैं जिन्हें “मूल्यवान प्रतिफल” माना जाता है। इनमें प्रोटोकॉल शुल्क शामिल हैं, जो प्लेटफ़ॉर्म के संचालन या रखरखाव के लिए लिए जाते हैं। नेटवर्क शुल्क और स्वैप शुल्क, जो केवल तरलता प्रदाताओं को दिए जाते हैं, कर के दायरे में नहीं आएंगे। CEX से ग्राहक के नॉन-कस्टोडियल वॉलेट में किए गए ट्रांसफ़र पर भी कर लग सकता है, यदि एक्सचेंज कोई शुल्क वसूलता है। यह कानून 1 जनवरी 2027 से लागू होगा। साथ ही, राज्य का कर विभाग 30 अक्टूबर तक सुझाव स्वीकार करेगा।